हस्तरेखा विद्या सीखने का आपका उदूदेश्य हॉबी या मनोरंजन है या आप इसे रोज़गार का साधन बनाना चाहते है दोनों दशाओं में यदि आप एक शिक्षार्थी की भाति इस पुस्तक को पढ़ेंगे और इसमें दिए गए निर्देशों का पालन करेंगे तो आप इस विद्या में निपुण होते जाएगे और हस्तरेखाआँ के विषय में आपके मन में उठने वाले प्रश्नों के उत्तर आपको स्वतः ही मिलते चले जाएंगे।
शिव-पार्वती सम्बाद के रूप में की गई योग चर्चा के अन्तर्गत | हठयोग का प्रादुर्भाव इसी शास्त्र से हुआ है। आदिनाथ शिव ने इस रचना में पाँचो पठल के माध्यम से सम्पूर्ण योग ज्ञान को वर्णित किया है। योग-के
इत्यादि इनके सिवा पुस्तक में पुत्रेष्टि -यज्ञ का विवरण भी खोलकर दिया गया है l ग्रन्थ में पग- पग पर शास्त्रीय मर्यादाओ को लक्ष्य में रखते हुए ही इसके पूरा करने का यत्न किया गया है l ग्रन्थ में पग - पग पर शास्त्रीय मर्यादाओ को लक्ष्य में रखते हुए ही इसके पूरा करने का यत्न किया गया है - ग्रन्थ वास्तव में उनके ही काम की चीज नहीं है कि जो पुत्रेष्टि यज्ञ कराना चाहे किन्तु सभी गृहस्थियों के लिए उनके काम कि चीज है - मैं ह्रदय से चाहता हु कि अधिक से अधिक संख्या के स्त्री और पुरुष इस ग्रन्थ को पढ़े और इससे लाभ उठावे l
हमारी इस रचना से साधक अवश्य ही शुभ फल प्राप्त कर लाभान्वित होंगे ऐसी हमारी कामना है i
That is why enlightened people became indifferent towards this subject
Jyotish Komudi [Hindi] Text Book of Scientific Hindu Astrology (2 Volume Set) [English] हस्तरेखा विद्या सीखने का आपकाAuthor Durga Prasad Shukl i i , i , , i ' , i