different systems of predictions came into existence in every civilization
जिसका ज्ञान किसी अन्य ज्योतिष ग्रन्थ में अप्राप्य है l भावफल और दशाफल विस्तृत रूप से दिया गया है l यह भी बताया गया है कि एक भावाधिपति का द्वादश भावो में स्थित होने से क्या फल होता है l इस प्रकार १४४ (१२ x १२ ) योगो के फलो का पूर्ण विवरण दिया गया है l दशाफल के विचार को इतना अधिक महत्व दिया गया है कि लगभग आधी पुस्तक इसी सम्बन्ध में है l इतनी सूक्ष्मता और विस्तृत रूप से इस विषय पर किसी अन्य ज्योतिष ग्रन्थ में विचार नहीं किया गया है l इस पुस्तक में ग्रहो के नवांशो
and aspiring entrepreneurs who want to think like a business owner
Samvat 1990
rectification of birth time
Vastu Niyamanusar Interior Designing [Hindi] Rigved (Volume 1) [Hindi] different systems of predictions came, , , , , " " , , , , , , ? ? ?